शिक्षक का महत्व
शिक्षक का महत्व
एक विद्यार्थी के जीवन का उसका पहला शिक्षक उसके माता - पिता होते हैं / माता - पिता हमे दूसरो का सम्मान और आदर करना सिखाते हैं /एक शिक्षक विद्यार्थी के भविष्य को आकार देता है / एक अध्यापक ज्ञान का भण्डार होता है / शिक्षक बहुत समझदार होता है / शिक्षक के पास बहुत सारे गुण होते है / शिक्षा के बिना कोई भी मनुष्य जानवर की तरह होता है /
शिक्षक अच्छे भविष्य के लिए विद्यार्थियों को मारते - डांटते है / एक सच्चा शिक्षक वही होता है जो अपने किसी भी विद्यार्थी मे भेदभाव नही करता है / शिक्षा एक ऐसी चीज है जो न खो सकती है और न ही कोई चुरा सकता है / शिक्षक केवल अपने विद्यार्थी को हमेशा खुश और सफल देखना चाहता है / एक शिक्षक हमेशा अपने विद्यार्थी को अच्छे गुण सिखाता है /
इस संसार मे सभी मनुष्य के जीवन में शिक्षक एक महत्वपूर्ण इंसान होता है / हमें हमारे जीवन में बहुत सारे शिक्षक मिलते हैं जिनसे हमें कुछ न कुछ सीखना चाहिए/ शिक्षक का हमारे जीवन को सफल बनाने में बहुत बड़ा योगदान होता है/ शिक्षक हमें हमारे जीवन में आगे बढ़ने के लिए अच्छा रास्ता दिखलाते हैं / इसीलिए संत कबीरदास जी ने शिक्षक के बारे में कहा है...
"गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाएं
बलिहारी गुरु आपकी, गोबिंद दियो बताये"
ऊपर दी गई पंक्तियों का अर्थ है कि हमारे सामने अगर भगवान और शिक्षक हो तो मुझे किसके चरण पहले छूने चाहिए इस स्थिति मे सबसे पहले शिक्षक के चरण स्पर्श करने चाहिए क्योंकि वह शिक्षक है जिन्होंने मुझे भगवान तक पहुँचने का रास्ता बताया है /
हमारे जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण अंग शिक्षा है/ जितना ही शिक्षा हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है उतने ही शिक्षक हमारे जीवन में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि शिक्षक ही हमे शिक्षा प्रदान करते हैं / शिक्षा हमारे जीवन में ऐसी कुंजी होती है जो भविष्य के किसी भी दरवाजे को खोल सकती है //
हमारे जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण अंग शिक्षा है/ जितना ही शिक्षा हमारे जीवन में महत्वपूर्ण है उतने ही शिक्षक हमारे जीवन में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि शिक्षक ही हमे शिक्षा प्रदान करते हैं / शिक्षा हमारे जीवन में ऐसी कुंजी होती है जो भविष्य के किसी भी दरवाजे को खोल सकती है //
लेखक परिचय :-
अभिषेक कुमार
कक्षा :- 8th
स्कूल :- विजडम वे एकेडेमी, बाराबंकी
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